PYRE (चिता)

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मेरा उत्तराखंड

कोई जगह, त्योहार, व्यंजन, गीत या व्यक्ति खोजें — जैसे अल्मोड़ा, हरेला, काफुली, नेगी

औली से दिखती नंदा देवी

देवभूमि उत्तराखंड

पहाड़ याद रखते हैं। हमें भी रखना चाहिए।

उत्तराखंड का एक खुला संग्रह — कुमाऊँ और गढ़वाल का इतिहास, हमारी भाषाएँ, गीत, किताबें, त्योहार और वे कहानियाँ जो हमारे दादा-दादी आग के पास बैठकर सुनाया करते थे।

© Vedang Narain · CC BY-SA 4.0

सिनेमाघरों में · 30 अक्टूबर 2026

PYREचिता

Vinod Kapri · Gulzar · Mychael Danna

30 अक्टूबर 2026 से सिनेमाघरों में। यहाँ आधिकारिक ट्रेलर देखें, फिर BookMyShow पर अपनी सीट बुक करें।

इस धरती को जानें

तेरह ज़िले, दो ऐतिहासिक राज्य। किसी ज़िले को देखने के लिए उस पर कर्सर ले जाएँ, भीतर जाने के लिए टैप करें।

सभी क्षेत्र
गढ़वाल (7)कुमाऊँ (6)
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13

ज़िले, गढ़वाल और कुमाऊँ में

7,816 मी

नंदा देवी, सबसे ऊँची चोटी

2

महान नदियों के उद्गम — गंगा और यमुना

7+

भाषाएँ, पहाड़ों और तराई में बोली जाने वाली

जीवित परंपराएँ

मुखौटा नाट्य, तलवार नृत्य, चावल के घोल से बनी कला और रात-भर चलने वाले आह्वान — ऐसी संस्कृति जो सिर्फ़ याद नहीं की जाती, आज भी जी जाती है।

संस्कृति देखें

बेड़ू पाको बारो मासा,
नरैण काफल पाको चैता

“बेडु बारहों महीने पकता है, पर काफल केवल चैत में” — वह लोकगीत जिसे हर पहाड़ी जानता है।

पुस्तकालय में सुनें
गढ़वाल के सीढ़ीदार खेत

यह संग्रह क्यों?

रोज़गार की तलाश में परिवारों के मैदानों की ओर जाने से सैकड़ों गाँव ख़ाली हो गए हैं। हर बंद होते घर के साथ चुपचाप कुछ खो जाता है — कोई शब्द, कोई पकवान, धान रोपाई का कोई गीत, किसी ग्राम देवता का नाम।

यह संग्रह इन सबको एक जगह, निःशुल्क, सबके लिए सहेजता है — ख़ास तौर पर प्रवासी पहाड़ी परिवारों के उन बच्चों के लिए जो जानना चाहते हैं कि वे कहाँ से आए हैं।