PYRE (चिता) · 30 अक्टूबर 2026 से सिनेमाघरों में
कोई जगह, त्योहार, व्यंजन, गीत या व्यक्ति खोजें — जैसे अल्मोड़ा, हरेला, काफुली, नेगी
गढ़वाल और कुमाऊँ में जीवन के हर संस्कार में साथ बजने वाली ढोल की जोड़ी। इनकी तालें मौखिक ग्रंथ 'ढोल सागर' में संहिताबद्ध हैं; वादक (ढोली, औजी, दास) इस ज्ञान के वंशानुगत संरक्षक हैं।