PYRE (चिता)

ट्रेलर द्यखा
सीधा सामग्री पर जा
मेरु उत्तराखंड

क्वी जगा, त्यौहार, खाणु, गीत या मनखि खोजा — जनकि अल्मोड़ा, हरेला, काफुली, नेगी

यु गढ़वळि अनुवाद अबि कच्चु च अर बोलण वळा लोग येतैं जंचणा छन। क्वी गलती दिखे? हमतैं बतावा। सुधार भेजा

सब्बि कथा

गढ़वाळ अर कुमाऊँ · किंवदंती

फ्योंलि — पिंगळु फूल

बण की वा नौनि जैकि याद हर बसंत फूलदेई पर फुलदि च।

Valley of flowers national park, Uttarakhand, India 03 (edit)
© Original: Rohit Sharma Derivative work: UnpetitproleX · CC BY-SA 4.0

फ्योंलि बण की एक नौनि छै। पंछी, हिरण अर डाळा वींकु परिवार छा, अर वींका ध्वार डांडा हर्या-भर्या अर खुश रौंदा छा।

एक दिन शिकार खेलदा-खेलदा एक राजकुमार बाटु बिसरि ग्याई अर वींतैं पै ग्याई। वींकि सुंदरता देखिक वेन वींदगड़ि ब्यौ करि अर वींतैं अपणा महल मा लि ग्याई। पर महल मा फ्योंलि पिंगळि पड़ण बैठि। वींतैं बण की याद सतांदि छै, अर बण तैं वींकि — डाळा सुकण लगिन, गाड-गदन्या पतळा ह्वेगेन, अर जीव-जंतु चुप ह्वेगेन।

वींन घौर जाण कु भौत बिनती करि, पर महल न वींतैं जाण नि दे। आखिर मा वा बीमार पड़ि ग्याई, अर वींकि आखिरी इच्छा छै कि वींतैं पहाड़ौं मा ही दबये जौ।

जख वींतैं दबाये ग्याई, वख एक छ्वटु, चमकदार पिंगळु फूल खिलि — फ्योंलि। हर बसंत, जब यु धारौं मा दिखेंद, नौन्याळ येतैं बुरांस का दगड़ि ट्वड़दन अर फूलदेई पर हर देळि मा डाळदन, वीं नौनि तैं याद करदा जु पहाड़ौं की छै।

बण अर बण का लोग एक-दुसरा का छन।

अगलि कथाघुघुतिया पर नौन्याळ कव्वौं तैं किलै खिलौंदन